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December, 2025 Newsletter: Parliament committee recommends reducing time for forest, environmental clearances for coal projects

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December 2025 Newsletter Justice in Mining Network  South Asia  Message Johar! As we conclude the year 2025, we do so without the comfort of closure. The calendar turns, but the crises that define our times continue—deepening, mutating, and revealing ever more clearly the structures of power that sustain injustice. The news that unfolds in this December issue reminds us that while governments speak the language of reform, sustainability, and development, the lived realities of Adivasi, Dalit, fisher, and working-class communities tell a far more troubling story. This is a year ending not with resolution, but with urgent warnings. A central development this month is the Jharkhand Cabinet’s approval of the PESA Rules, presented as a long-awaited step toward strengthening Gram Sabhas and recognising Adivasi self-governance in Fifth Schedule areas. However, the mixed reactions from Adivasi organisations reveal a deeper concern: empowerment that is partial or diluted risks becoming...

नवंबर 2025: विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस हिरासत में ली गई महिला का गर्भपात, आदिवासी समूहों का दुर्व्यवहार का आरोप

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समाचार पत्रिका नवंबर 2025 खनन में न्याय नेटवर्क – दक्षिण एशिया संदेश प्रिय मित्रों, जोहर! नवंबर का न्यूज़लेटर बेदखली, प्रतिरोध और लोकतांत्रिक पतन का एक सामूहिक चित्र प्रस्तुत करता है। मध्य और पूर्वी भारत में एक स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाला पैटर्न उभर रहा है: तीव्र गति से हो रहा खनन विस्तार, लोकतांत्रिक दायरे का सिकुड़ना, पर्यावरण का क्षरण और आदिवासी एवं ग्रामीण समुदायों द्वारा असमान रूप से झेली जा रही बढ़ती मानवीय कीमत। झारखंड से छत्तीसगढ़, ओडिशा से पंजाब तक की यहाँ दर्ज की गई स्थिति, लोगों के नुकसान की एक ही कहानी बयां करती है: भूमि का नुकसान, आजीविका का नुकसान, शारीरिक स्वायत्तता का नुकसान, पारिस्थितिक सुरक्षा का नुकसान और असहमति व्यक्त करने के अधिकार का नुकसान। झारखंड के चाईबासा में एक प्रदर्शन के दौरान गर्भवती आदिवासी महिला तुलसी पूर्ति की गिरफ्तारी इस वास्तविकता का प्रतीक है। भारी खनन वाहनों के लिए "प्रवेश निषेध" नियम लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार की गई तुलसी पूर्ति उन कई महिलाओं में शामिल थीं जिन्हें पुलिस के साथ झड़पों के बाद हिरासत में लिया गया...

November, 2025: ओडिशा के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र, सुंदरगढ़ जिला के लांझीबेरना पंचायत में 13 दिसंबर की रात को डालमिया सीमेंट कंपनी द्वारा जबरन खेती जमीन खोदाई की गई।

खनन में न्याय नेटवर्क  17 दिसम्बर, 2025  इस बैठक के मुख्य उद्देश:   1. विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे खनन, जमीन/जंगल अधिग्रहण अथवा के मुद्दों पर जानकारी साझा करना  2. इन मुद्दों पर एकजुटता बनकर कार्य नीति पर तय करना 3. रांची में फरवरी -मार्च के महीने में "निजीकरण, खनन और समुदायों/पृथ्वी की बिगड़ती सेहत" पर राष्ट्रीय सम्मेलन पर तिथि, एजेंडा और आयोजन की तैयारी पर चर्चा करना।  साथियों ने निम्नलिखित मुद्दे साझा किया:  1.ओडिशा के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र, सुंदरगढ़ जिला के लांझीबेरना पंचायत में 13 दिसंबर की रात को डालमिया सीमेंट कंपनी द्वारा जबरन खेती जमीन खोदाई की गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने लगातार 4- 5 साल से डालमिया का विरोध किया है और  ग्राम सभा सहमति नहीं हुई है। अन्य पंचायत खंडहर और बिझहन में भी अडानी और रोंगटा जैसे कंपनियों द्वारा डोलोमाइट और अन्य खनिज के लिए गांव विस्थापित का खतरा है। अदानी द्वारा लगभग 609 हेक्टेयर में खनन होगा जिसमें 4 गांव विस्थापित होंगे और जंगल उजड़ेंगे। आदिवासी निरंतर विरोध कर रहे लेकिन, इन राजकीय और राष्ट्रीय सरकारों...